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     केला /BANANA  

स्वादिष्ट  ,सस्ता ,लाभदायक 

जब भी होती है बात  किसी सस्ते और बेहतर फल की तो, सबसे  पहले  केला  का ही नाम आता है।

साथ ही हर मौसम में आसानी से मिलने वाला फल है। 

विटामिन -A, विटामिन-B, विटामिन -C, विटामिन -BI 6, और  मैग्नीशियम, पोटेशियम, थायमिन, राइबोफ्लेबिन भी होता है।

केले में 64 . 3 प्रतिशत पानी, 1 . 3 प्रतिशत प्रोटीन, 24. 7 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेड पाया जाता है। 

केला, मूसा जाती के घासदार पौधे होते है।

इसके फल को केला कहा जाता है। केला की खेती सम्पूर्ण उष्णकटिबंधीय  क्षेत्र में किया जाता है।

केले का पहला प्रमाण 4000 साल पहले मलेशिया में मिला 

 केले का एक फल लगभग 125 ग्राम का होता है।

जिसमे लगभग 75 % पानी  और  25 % सुखी सामग्री होती है। 

कच्चा केला पोटैशियम और फाइबर का खजाना होता है।

जो इम्यून सिस्टम को मजबुत बनाता  है।

इसमें विटामिन बी 6, विटामिन सी, साथ ही इसमें सेहतमंद स्टार्च होता है।

इसमे एंटी -ऑक्सीडेंट भी बहुत अधिक मात्रा में होता है |

MY HOUSE BANANA TREE

केले खाने से वजन बढ़ता है।

यह आम धारणा है।

केले खाने के साथ वर्कआउट करना जरूरी होता है साथ ही सही मात्रा में सेवन भी जरूरी है।

अधिक मात्रा में केले का सेवन से चर्बी बढ़ सकती है। । 


केले खाने के फायदे अनेक है :-


पेट के अल्सर :-

केला में पर्याप्त मात्रा में फइबर होता है।

फाइबर एन्टिबायोटिक दवाओं का दुष्प्रभाव को कम करता है।

साथ ही अल्सर के इलाज के लिए भी यह बहुत  लाभदायक है। 

अनिद्रा की समस्या को दूर करने में सहायक :-

इसमें मेलाटोनिन और सेरोटोनिन नामक तत्व पाए जाते है।

जो पर्याप्त नींद लेने में सहायक हो सकती है।

इसमें प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम  की भी मात्रा होती है,जो मास-पेसियों को आराम पहुंचाती  है।

वजन घटाने में :-

वजन कम करने के लिए उच्च फाइबर डाइट की आवयकता होती है।

जो केले में भरपुर मात्रा में पाई जाती है।

साथ ही इसमें रेसिस्टेंट स्टार्च पाया जाता है।

जो वजन कम करने में सहायक होता है। 

महिलाओ में मूड बदलने की समस्या ( गर्भावस्था के दौरान ) :-

केले में विटामिन -C और विटामिन -बी 6 सही मात्रा में होने के कारण महिलाओ महिलाओ में मूड बदलने की समस्या को कम कर सकता है। 

मॉर्निंग सिकनेस :-  

गर्भावस्था में होने वाली सबसे आम समस्या है,70-85   फीसदी  महिलााओं को मॉर्निंग सिकनेस की शिकायत होती है।

मॉर्निग सिकनेस में महिलाओ को उल्टी और मतली का सामना करना पढता है। केला में विटामिन बी 6 भरपूर मात्रा होती है ।

जो इस समस्या से छुटकारा पाने में मदद कर सकती है। 

रोग प्रतिरोधकता को बढ़ने में मदद करती है :-

 विटामिन -A और विटामिन -C जैसे इम्यून बूस्टर होता है।

रोजाना केले के सेवन से इम्यून बूस्ट होता है।


मासिक धर्म के दर्द से निजात पाने में मदद करता है :-

एक रिपोर्ट के अनुसार ,पोटेशियम की कमी से शरीर में ऐठन की समस्या  हो सकती है। 

पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम और विटामिन -बी 6 होता है, जो खासकर महिलाओ के लिए बहुत लाभदायक माना गया है।

आँखों के लिए :- 

जरूरी पोषक तत्वों के अलावा केले में विटामिन -A की अच्छी मात्रा होती है।

जो आँखों के लिए जरूरी तत्व माना  गया है।

ऊर्जा बढ़ाने में :-

यह एक पोष्टिक आहार ,जो कार्बोहाइड्रेट व प्रोटीन जैसे पोषक तत्व से समृद्ध होता है ।

ये सभी तत्व मिल कर ऊर्जा को बढ़ाता है।

एनीमिया :-

सामान्य भाषा में खून की कमी ,लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए आयरन और कोलेट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।

आयरन और कोलेट की कमी  ही एनीमिया का कारण बनती है। 

केला ,आयरन और कोलेट युक्त  फल है।

अतः यह कहा जा सकता है की केले अनीमिया के इलाज में रामबाण औषधि का कार्य कर सकता है |

डायरिया :- 

फाइबर की अच्छी मात्रा के कारण ,डायरिया में केला खाने की सलाह दी जाती है।

मधुमेह :-

मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को केला नहीं खाने की सलाह दी जाती है।

इसका  कारण यह है इसमें कार्बोहाइड्रेड की मात्रा अधिक पाई जाती है ।

लेकिन इसे सही मात्रा और वर्कआउट के साथ खाया जा सकता है।

साथ ही इसे खाने के लिए मधुमेह पीड़ित व्यक्ति को अपने डॉक्टर से सलाह जरुर लेनी चाहिए।

केला में फाइबर, रेसिस्टेड स्टॉर्च, विटामिन, खनिज, फाइटोकेमिकल्स और एंटीओक्सिडेंट का मेल होता है।

जो टाइप -2 डाइबिटिज  से  लड़ने सहायक हो सकता है।


हड्डियों के लिए :-

मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम और मैग्नीशियम की आवशयकता होती है।

ये दोनों ही तत्व केला में भरपूर मात्रा में पाई जाती है।

मष्तिष्क के लिए :-

केला में विटामिन -बी 6 पाया जाता है।

जो मष्तिस्क के सुचारु रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक तत्व है।

ह्रदय स्वास्थ्य व उच्च रक्तचाप :-

केला में भरपुर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है।

पोटेशियम रक्त वाहिकाओं की दीवारों को आराम पहुंचाकर रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

और स्टोक का खतरा कम करता है।

पाचन क्रिया :-

इसमें फाइबर की भरपुर मात्रा होने के कारण  यह पाचन क्रिया को सुचारु बनाता है।

केले के छिलको में भी होते है मत्वपुर्ण तत्व :-

पका   केला के मुकाबले कच्चा  केला  का छिलका अधिक सेहतमंद होता   है। 

केले के बाहरी परत (छिलको ) में ,अन्दर के गुदा की तुलना में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है। 

केले के छिलको में ट्रिप्टोफेन नाम का एक तत्व पाया जाता है।

जो अनिद्रा की समस्या से निजात पाने में सहायक है। 

केला के छिलको में ल्यूटिन नामक तत्व पाया जाता है।

जो आँखों के लिए फायदेमंद होता है। ल्यूटिन से आँखों की रोशनी बढ़ती है। 

केला का छिलके का उपयोग सुंदरता बढ़ाने में भी होता है।

कील -मुहासे, झुर्रियों, दाद को मिटाने का यह आयुर्वेदिक तरीका है।

दांतो को चमकदार और सफ़ेद बनाने में भी छिलको का उपयोग होता है।

केला खाने सही समय :

आयुर्वेद के अनुसार खाली पेट नहीं खाना चाहिए।

केला ब्रेकफास्ट में ले सकते है ,इसका सही समय सुबह 8से 9 बजे का होता है।

रात में केला का सेवन नहीं करना चाहिए।

रात में केला खाने से कफ बढ़ सकता है, जिससे खासी की समस्या हो सकती है | 

                                                                                         

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