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कर लोगे सेब से दोस्ती

          नेचर कैंडी…. BE HEALTHY 


  कर लोगे सेब से दोस्ती   
😊  

 सेब / APPLE (MELUS DOMESTICA )

रोज एक सेब खाओ और डॉ. को दूर भगाओ , ऐसे ही नहीं कहा गया है।

इसमें बहुत से गुण होते है जिसमे रोगो से लड़ने की क्षमता का विकास होता है। 

सेब में कैल्शियम, विटामिन ए, बी, सी, एंटीऑक्सीडैंटस,पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है।

साथ ही कार्बोहाइड्रेड्स, फाइबर मौजूद होते है, साथ ही ऐंथोसियानिन और टेनिन होता है

सेब लाल और हरे रंग का होता है यह सबसे लोकप्रिय, पौष्टिक व स्वादिष्ट फल है।

कहा जाता है की सिकन्दर महान के मध्य एशिया में आने के बाद ही सेब का प्रचलन शुरू हुआ था।

मध्य एशिया को सेब का प्रमुख स्थान माना जाता है।  सेब का पूरा भाग खाने योग्य है, सेब का  7500  से ज्यादा किस्मे है।

हर एक प्रकार  का अलग – अलग उपयोग किया जाता है।


लाल रंग का सेब – इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स मौऊद होते है।

जिसके कारण  लाल रंग के सेब को एंटी – एजिंग फल माना  जाता है। 

हरे व पीले रंग का सेब

मानसिक स्वास्थय के लिए, हरे व पीले रंग का सेब बहुत लाभदायक है क्योकि इसमें क्यूरेसेटिव  पाया जाता है। 

GREEN APPLE

सेब के सेवन से सुंदरता में भी इजाफा होता है। इससे त्वचा स्वस्थ , सुन्दर व कोमल बनती है

 
भारत में

कश्मीर, उत्तर प्रदेश के पहाड़ी इलाके, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, सिक्किम , अरुणाचल प्रदेश, और मेघालय में सेब की खेती की जाती है।

वैसे तो दुनिया भर में सेब की खेती करते है।

जिससे चीन सबसे बड़ा उत्पादक है। 

APLLE

स्वास्थय लाभ –

   हड्डियों के लिए

सेब में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती हैजो, की हड्डियों व दांतो के लिए आवश्यक तत्व  होती है।

साथ ही इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स भी पाया जाता है।

जो न केवल हड्डियों को मजबूती, बल्कि टूटने से भी बचाता है। 

लिवर  स्वास्थ रखने में सहायक

सेब में एक अच्छा विष हरण गुण पाया जाता है।

गुर्दे व लिवर से  विषाक्त पदार्थो को दूर करता है और स्वस्थ रखता है। 


वजन कम  करने मे सहायक

सेब में कैलोरी कम परन्तु फाइबर पर्याप्त होती  है।

साथ ही इसमें कोई फैट नहीं होता है।


मधुमेह में

इन्सुलिन के उत्पादन को भी बढ़ाता है ,जो  रक्त मे  शुगर की मात्रा को भी नियंत्रित करती है। 

कैंसर में लाभदायक

एंटी ऑक्सीडेंट्स एवं फ़ायटो कैमिकल्स का समृद्ध स्रोत  होने के कारण  कैंसर के रोकथाम में सहायक होती है। 

APPLE

ह्रदय के लिए

सेब में पाए जाने वाला पैक्टिन, इन्सुलिन के उत्पादन को नियंत्रित कर स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को नियंत्रित कर स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल बनाये रखने में मदद करता  है। 

पैक्ट्रिन फाइबर और अन्य घटक  जैसे एंटी ऑक्सीडेंट्स ,पोली फेनल को ख़राब कोलेस्ट्रॉल के स्टार को कम करने के लिए प्रभावशाली माना जाता है।

यह धमनियों को सख्त होने से रोकता है।

ह्रदय की मासपेशिया और रक्त वाहिकाओ  को नुकसान पहुंचने के खतरे को भी कम करता है। 

सेब में मौजूद घुलनशील फाइबर शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।

जिससे ह्रदय रोग का खतरा कम हो जाता है। 

मष्तिष्क स्वास्थय के लिए –

अल्जाइमर यानि भूलने की बीमारी में भी बहुत लाभदायक माना गया है। इसमें कैरे सैटिन होता है।

जो दिमाग को तेज करने में मदद करता है और उसकी कोशिकाओं को स्वस्थ बनाता है।

दिमाग को पोषित  करने के लिए इसका सेवन छिलके समेत करना चाहिए।

अस्थमा के रोगियों के लिए सेब के सेवन करने से लाभ मिलता है –

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, क्योकि इसमें एंटी ऑक्सीडेंड गुण  पाया जाता है।

कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए सेब का सेवन छिलका सहित करना चाहिये।

क्योकि इसके छिलका से पैक्टिन से डाइटरी फाइबर पाया जाता है।

 सेब खाने का सही समय

आयुर्वेद में सही समय फल  खाने का सुबह का टाइम मना  गया है।

विभिन्न शोध के अनुसार सेब अगर खाली पेट खाया जाये तो अधिक लाभ लिया जा सकता है। 

खाली  पेट खाये सेब

नस्ता से पहले, सुबह रोज सेब खाकर इसका लाभ अधिक लिया जा सकता है ।

सही समय पर सेब लेने से, आपका शरीर इसके सारे पोषक तत्वों को पूर्णतः इस्तेमाल कर लेता है। 

सुबह आप दूध और सेब ले सकते है। 

APPLE

भोजन या नास्ते के बाद

दो समय के भोजन के बीच में सेब खाने से फायदे मिलता है।

खाना  व सेब खाने के बीच में 30  मिनट का अंतराल होना चाहिए।

इससे आपके शरीर का संतुलन बन रहता है। 

खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद में सेब का सेवन नहीं करना चाहिए। 

मधुमेह पीड़ित

व्यक्ति को खाना व सेब खाने में दो घंटे का अंतराल होना चाहिए। 

कब ना  खाये

सोते समय कभी न करे सेब का सेवन।

सोते समय सेब खाने से यह इन्सुलिन व  शक्कर की मात्रा को बड़ा देता है जिससे नींद नहीं आती। 

 




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