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कीमती समय का तोहफा

कीमती समय का तोहफा

 

कीमती समय का तोहफा …… इस कहानी का नाम इसलिए रखा है क्योकि आज के समय में सभी को दुसरो की ख़ुशी बहुत अच्छी लगती है

आइये शुरु करते है  कहानी कीमती समय का तोहफा ….

 

लेकिन अब नेहा को कुछ सुनाई  नहीं दे रहा था और वो राजीव के पास जाना चाह रही थी तभी पीछे से नेहा के

कंधे में कोई हाथ रखा पलट के देखा तो राजीव था |

kimti samay ka tohafa

आज नेहा को राजीव की बहुत याद आ रही थी ….जल्दबाजी में फासले  बढ़ गए थे |

लेकिन आज उन फसलो को पार करके राजीव के पास जाना चाह रही थी।

 

नेहा बहुत उदास होकर अकेले ही पास वाले गार्डन में चली गई वहा जाकर एक कुर्सी में बैठ कर आस-पास देखने लगी।

चुकी अभी थोडा गर्ममोसम था तो वहा पर ज्यदा भीड़ नहीं थी |

 

कुछ प्रेमी जोड़े बैठे बाते कर रहे थे और नेहा को अपने पुराने दिन याद आ रहे थे राजीव और नेहा एक साथ बैठ कर कितना बात किया

करते थे इसी गार्डन में और अब साथ है फिर भी दूर जाने का मन करता दोनों को अब दोनों अलग रहने का सोच रहे थे |

नेहा को कभी दूर होने का दर्द हो रहा था तो कभी राजीव के बेपरवाही पर गुस्सा आता कभी लगता कही पर वो भी गलत थी

तो कभी लगता राजीव ने मानने की कोशिश भी कहा की …

मायके आये एक महीने को आया जिस पर दो-तीन बार काल हुआ और कॉल नेहा ने ही किया|

 

राजीव को नेहा की परवाह भी कहा थी …..इसी कशमकश में बैठी ही थी की पास वाले चेयर में एक प्रेमी जोड़ा आया और बाते करने लगा

उनकी बातो से लग रहा था लड़की का जन्मदिन है और कॉलेज का आखरी साल भी ….

लड़का एक बड़ा सा गिफ्ट लाया था और वो बार-बार लड़की को देने की कोशिश करता और लड़की यह करके मना कर देती पहले

बताओ अब आगे का क्या प्लान है …. शादी करनी है या नहीं ???

 

लड़का हर बार कहता पहले गिफ्ट ओपन तो करो शायद तुमको जवाब मिल जाये …. लड़की गुस्से से कहती

इतने सालो में गिफ्ट तो दिए नहीं अब यह गिफ्ट देकर यह तो नहीं कहोगे तुम्हारा रंग सवाला है, माँ तुमको नहीं पसंद कर रही |

 

मै यह सब नहीं सुनना चाहती ….लड़का मुस्कुराता फिर मानने की कोशिश करता |

फिर करीबन आधे घंटे बाद लाध्की ने गिफ्ट लाध्के के हाथ से छिना और वही पर फेक कर चली गई लड़का उसके पीछे भागने लगा |

 

उनके जाने के बाद वही पर एक और प्रेमी जोडा आया लड़की ने गिफ्ट देखकर कहा कितना सुन्दर पैकिंग है देखो कभी तुमने इतना अच्छा

गिफ्ट मुझे नहीं दिया …..

लड़का बोला तूने कोन सा मुझे दिया ….इतने में दोनों लड़का लड़की फिर से वापस आ गए और लड़का ने गिफ्ट के तरफ इसरा करके कहा

ये हमारा है |

 

बाद में आये लाध्की ने कहा हा बहुत सुन्दर पैक किया है आपने … लड़का बिना कुछ बोले लड़की को फिर से देने का प्रयास करता है |

लेकिन लड़की को अब भी अपने प्रश्न का उत्तर पहले चाहिए था…. फिर लड़के ने बाद में आये प्रेमी जोड़ा को कहा क्या आप मेरी मदद करेंगे|

बाद में आये लड़के  ने कहा कैसे ???लड़के ने फिर कहा आप अपनी फ्रेंड से कहो मेरा ये गिफ्ट खोले मै अपने सामने

अपनी ऋतू को खुश होते देखना चाहता हु।

 

लड़की ख़ुशी से गिफ्ट को अपने गोद में लेकर बैठ गई और बोली खोलु …  अब लड़के ने कहा हा और अपनी प्रेमिका के तरफ

देखा जो गुस्से में  अब भी थी।

 

 

लड़की ने गिफ्ट खोला पहले डिब्बे में  निकला एक लाल गुलाब  और एक कार्ड जिसमे लीखा …..

 

मेरी आगे की जिंदगी हो तुम

मेरी जीवन में पहली  बारिश हो तुम    

ऋतुओ` को मिला कर  साल बनता है

मेरे लिए सारा साल हो तुम ……

I love you ritu 

अब तक ऋतू के चहरे में मुश्कुराहत आ चुकी थी और साथ ही गिफ्ट के अन्दर के दुसरे डिब्बे का भी इंतजार था |

लड़की जो गिफ्ट खोल  रही थी,  पहले गिफ्ट के खुलते ही थोडा उदास हो गई …

 

अब उसने दूसरा डिब्बा खोला उसमे एक प्यारा सा ड्रेस था लाल रंग का …  ऋतु को बहुत पसंद था लाल रंग।

अब ऋतू बहुत उत्साह से तीसरे डिब्बे का इंतजार कर रही थी |

 

लड़की ने तीसरा डिब्बा खोला उसमे एक रिंग था बहुत ही सुन्दर और साथ में सपनो में खोई हुई एक राजकुमारी डॉल भी जो

बहुत प्यारी लग रही थी।

 

अब ऋतू बहुत उत्वाली हो रही थी चोथे डिब्बे के लिए और अब उसको मन हो रहा था वो खुद खोले।

अब लड़की ने चोथा डिब्बा खोला उसमे सिंदूर मंगलसूत्र और एक खुबसूरत दुल्हन का गुडिया था |

 

ऋतू अब यह जानना चाह रही थी, इसके बाद वाले डिब्बे में क्या होगा क्योकि शादी तक तो हो गया |

लड़के के तरफ देखने लगी, लड़के  ने कहा पहले खुलने दो फिर मै बताउगा …

 

लड़की ने आखरी डिब्बा खोला उसमे एक घडी था और एक चिट्टी भी ….

लड़के ने वो चिट्टी लड़की से लेकर अपनी प्रेमिका को देते हुए कहा … मै चाहता हु तुम पढो इसे और जोर से पढना ताकि हम सब सुन सके …

 

लड़की ने पढना शुरु किया ऋतू घडी इसलिए क्योकि अच्छे और बुरे वक्त में साथ देना और कभी बर्थडे भूल जाऊ या जो तुमको लगे मै

ख्याल नहीं रख रहा तो भी तुम मेरा साथ देना और जीवन को हसी- ख़ुशी  जीने में मदद करना |

 

ऋतू अब अपने प्रेमी के साथ जा चुकी थी …  लेकिन अब बाद में आये प्रेमी युगल झगड रहे थे |

लेकिन अब नेहा को कुछ सुनाई  नहीं दे रहा था, और वो राजीव के पास जाना चाह रही थी तभी पीछे से नेहा के कंधे में कोई

हाथ रखा पलटके देखा तो राजीव था।

 

राजीव बोला सॉरी काम के बोझ में तुमको वक्त नहीं दे पा रहा था और नेहा हसने लगी ….

और कहा औरो की जिंदगी को अच्छा समझकर मैंने अपना कीमती समय खो दिया।                                                                                             

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