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पहला प्यार…पहला अहसास part-4

पहला प्यार…पहला अहसास

छोटी छोटी नोक -झोक

 

इन सबके बाद प्यार का मीठा अहसास और भी ज्यादा मीठा और नमकीन  हो गया …

अनु और आकाश अब एक-दूसरे से पूरी तरह परिचित हो चुके थे , अब दोनों एक-दूसरे पर हक़ जाताना भी शुरू कर चुके थे,और जहां हक़ होता है वहां तकरार भी होती है।  जो प्यार को और गहरा बनाती है , और यह गहराई ही छोटी – मोटी , हलकी-फुलकी , सच्ची-झूठी,नोक – झोक का कारण भी बनती है।  ऐसा ही कुछ रिश्ता   अनु और आकाश का हो चला था और एक दूसरे को अब समझने लगे थे , अब बिना बोले भी बहुत कुछ समझ जाया करते थे , दोनों अब आँखों  की भाषा समझने लगे थे , अब शब्दों को आराम था।  दोनों अब आप से तुम पर आ चुके थे।


अनु हमेशा की तरह आकाश से व्हाट्सप्प, फेसबुक में बात किया करती थी।

लेकिन अब ऐसा भी होने लगा था की आकाश कभी – कभी मैसेज का रिप्लाई नहीं करता तो,कभी अनु की

किसी फोटो  को लाइक नहीं करता।

और ना ही  उसके बारे में कुछ बोलता, अनु को बहुत गुस्सा आता फिर भी चुप रहत ।

 

लेकिन 3 -4  दिन बाद, गुस्सा जरूर जाहिर करती।

गुस्से में  कहती तुम तो पहले ऐसा नहीं थे, मेरे बोलने से पहले ही तुम हर चीज कर लेते थे।

चाहे मुझे याद करना हो या कॉल करना हो, अब मै अच्छी नहीं लगती क्या?

 

आकाश का कुछ जवाब नहीं आता, तो अनु चिढ़ जाती….

यह कर फ़ोन रख देती की सारे लड़के एक ही जैसे होते हो, जाओ मै बात नहीं करती। 

लेकिन ऐसा होता कहाँ था, अगले दिन तक भी नहीं 1  या 1/2ं घंटे  वो भी बड़ी मुश्किल से कटता फिर

कॉल आता या अनु कॉल करती

 

बाते ऐसा करती जैसे कुछ हुआ ही नहीं, दोनों में प्यार था ही , वैसे भी खामिया तो हर किसी में, हर रिश्ते में होती है।

और खामिया बाद में ही पता चलता है।

 

उन खामिया को अपनाकर ही प्यार को  समझा जा सकता है। 

अनु व आकाश में ऐसी नोक – झोक हमेशा होने लगी थी।

अनु, आकाश को कभी unfriend तो कभी व्हाट्सप्प पर ब्लॉक कर देती,और आकाश  का कॉल का इंतजार करती।

 

आकाश का कॉल ही नहीं आता तो खुद ही कॉल करती, आकाश कहता ….. 

कब ब्लॉक की मुझे पता ही नहीं चला, मै आज बहुत व्यस्त था…अपने काम में। 

 

ऐसा सुनते ही अनु को इतना गुस्सा आता

फिर से कहती जाओ मै तुमसे बात नहीं करती  ,,,….. फिर से एक या आधे घंटेबाद  फोन कर ही देती।  

दोनों एक दूसरे को कभी मनाते तो कभी चिढ़ाते, दोनों को लगता भी यह कैसा रिश्ता है

जब रिश्ता सिर्फ रिश्ता रहे मतलब सिर्फ सुख बाटने का हो, घूमना फिरना तक सीमित हो तो झगड़ा नहीं होता

 

लेकिन रिश्ता जब हक़ और जिम्मेदारी में बदल जाये, तो उम्मीद बढ़ जाती है

वो सब अनु और आकाश महसूस कर रहे थे। 

छोटी-छोटी बात पर झगढ़ते मनाते फिर बाते  करते,तो प्यार और भी गहरा महसूस हो
जाता था।

कभी-कभी आकाश जानबूझकर अनु को  चिढ़ाने के लिए उसके तरफ ध्यान नहीं देता।

 

तो कभी  सच में भूल जाता।

और अनु हर बार शिकायत करती, अब क्या बदल गया है

क्यों मुझ पर तुम ध्यान नहीं देते,  और आकाश कहता ऐसा क्या, मुझे तो पता ही नहीं…. . .

ऐसा सुनते ही अनु को  गुस्सा तो बहुत आता। 

एक दिन शाम के समय आकाश का फोन आया और पास  के ही रेस्टोरेंट में बुलाया।

जैसे ही अनु पहुंची मुस्कुराते हुए अनु का स्वागत किया

फिर अनु के पसंद का खाना आर्डर देकर अपना लैपटॉप ऑन  करके कुछ करने लगा

 

खाना आ गया इस बार आकाश ने अनु को पूछा भी नहीं

अकेले खाते-खाते काम करने लगा और देखा भी नहीं।  अनु ने खाया या नहीं।

फिर उठा, लैपटॉप बंद किया, बिल पेमेंट किया और अनु चलते है कहते हुए बाहर निकल गया।

 

अंनु  ने कहा, मै अब घर चलती हूँ

आकाश ने हाँ में बस सर हिला दिया, अनु को बहुत गुस्सा आया

इस बार रोना भी बहुतआया, उसको लगने लगा जिससे वह इतना प्यार करती है

 

वह इतना लापरवाह कैसे हो गया …और इसी कश्मकश में कब घर पहुंची पता भी नहीं चला। 

अनु ने दो दिन तक आकाश को कॉल नहीं किया तो,
आकाश का भी फ़ोन और मैसेज भी नहीं आया।

 

अब अनु को सच में लगने लगा की आकाश उससे प्यार ही नहीं करता।

लेकिन इस बीच अनु का ध्यान अपने मोबाइल पर ही था, हर  मिनिट मोबाइल देखती कही मैसेज या कॉल तो नहीं आया

लेकिन हर बार निराशा ही मिलता, और मन ही मन सोचती आकाश इतना बदल कैसे गया।

 

जिसका दिन मुझसे बात करके शुरू होता, आज उसको मेरी जरूरत ही नहीं। 

अचानक बजी तो अनु, आकाश की दुनिया से बाहर आई।

बाहर निकली तो सामने कुरिअर वाला था, उसने खोला भी नहीं था की आकाश का कॉल आया

अनु ने जानबूझकर फोन नहीं उठाया, उसके बाद आकाश ने मैसेज किया और बोला…

 

 क्या हम अपने पुराने रेस्टोरेंट में मिल सकते है।

और इमोजी ( हस्ता हुआ पिक्चर  ) लगा के भेज दिया, अनु इस बार तुरंत कॉल किया आकाश बहुत

हंस रहा था।

और कहने लगा, मैंने तुम्हे चिढ़ाने के लिए ही ऐसा किया।

 

साथ ही यह भी पता चल गया कितना प्यार करती हो।

उस दिन से आज के दिन तक कितनी बार फोन चेक किया होगा।

मै समझ सकता हूँ। 

मैंने तुम्हारा बर्थडे गिफ्ट भेज दिया है, शायद तुम्हे पसंद आएगा।

खोल के देखो और बताओ, अनु रोते हुए बोली क्या मजा आता है।

तुम्हे ऐसे सताने में, और साथ ही गिफ्ट भी खोल रही थी

उसमे लाल रंग का इवनिंग गाउन था, जिसे देख कर अनु बोली…

मेरा फेवरेट रंग है,  कितना प्यारा है।  …                                                                                                                             

thank you & love you 


इन सबके बाद प्यार का मीठा अहसास और भी ज्यादा मीठा और नमकीन  हो गया …

PAHLA PYAR........PAHLA AHSAS



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