Stories

स्वपन की दुनिया पार्ट -2

स्वपन की दुनिया



नेहा अब सपनो की दुनिया से दूर हो गई थी, अब सपने में जीने का मन ही नहीं करता था।

बहुत उदास हो गई थी, वो जिस राजकुमार से सपनो में मिला करती थी।

 

वो इस राजकुमार से बिलकुल अलग था।

सपनो वाला राजकुमार जब सफ़ेद घोड़े पर आता चारो तरफ हवाएं चलती

 

और सपनो वाला राजकुमार के खूबसूरत, सुनहरे बाल हवा में  उड़ने लगते।

जब पास आता तो, अपने खूबसूरत से चेहरे पर मुस्कुराहट बिखेर देता। कितना सुन्दर था वो राजकुमार। 

 

 

 

लेकिन ये क्या जब ये राजकुमार आया तो न हवा चली

और बाल…तो है ही नहीं, हसना तो दूर मुस्कुराना भी नहीं आता

रंग ऐसा जैसा कोयला भी शरमा जाये।

फिर भी नेहा ने हां कर दी और सपनो से भरी दुनिया से बाहर  निकलकर सोचना शुरू  कर  दिया। 

कुछ दिनों बाद नेहा की शादी भी हो गई, और वो नए जीवन में पहुँच गई।

 

शादी का एक हफ्ता तो रस्मो-रिवाजो में ही निकल गया।

अब साथ समय बीताने का समय शुरू हो चला था, लेकिन हर जगह पति ने भरपुर प्यार और

सम्मान  दिया।

 

सास, माँ के जैसे ही मिली, छोटा देवर था उसी के उम्र का जो पढ़ रहा था।

ससुर थे नहीं, बीमारी के चलते उनका देहांत हो गया था।

सब कुछ तो था पर नेहा खुश नहीं थी, वो अपने सपनो के राजकुमार को भूल नहीं पाई थी। 


अब नेहा बहुत उदास रहती, हसना तो जैसे भूल ही गई थी

और बहुत बात करने वाली नेहा, अब चुप रहने लगी थी।

शाम को आते ही पति ने कहा नेहा चलो आज पार्क चलते है, पीछे से सास ने भी कहा जाओ बहु घुम आओ

मन अच्छा लगेगा।

 

नेहा मना करने वाली ही थी की पति ने मोगरा के फूल, का गजरा देते हुए बोला ये मोगरा का गजरा तुम्हे

बहुत पसंद है न …

नेहा  आश्चर्य से देखते हुए बोली पर आपको कैसे पता। 


बिना बोले ही पति ने एक डिब्बा हाथ में रखते हुए बोला शायद तुम्हे पसंद आये ….

फिर से नेहा सोच में पढ़ गई, और बिना देर किये डिब्बा तुरंत खोला

डिब्बा खोलते ही चेहरे में पहले वाली हसी आ गई

 

अपने पति को देखते हुए बोली ये तो बिलकुल वैसा ही ड्रेस है।

जैसा मै सपनो की दुनिया में पहना करती थी।

पति ने इस बात पर हसते  हुए बोला  सपने वाली दुनिया … और नेहा शरमा के नीचे  देखने लगी। 

नेहा का पति मुस्कुराते हुए बोला और एक के बाद एक बाद जितना गिफ्ट नेहा के लिए लाया था देते गया ….

नेहा झट से बोल पड़ी आप मेरे सपनो के राजकुमार जैसा लगते नही, पर लगता है….

 

आप वही हो आपको भी मेरी पसंद- नपसंद पता है।

और आप उसी के जैसे ही मेरा ख्याल रखते हो … पति जोर -जोर से हसने लगा।

नेहा पहली बार इतना हसते हुए…. देख कर बोल पड़ी आप हसते भी हो आज पता चला मुझे । 

 

आज पहली बार नेहा ससुराल में इतना खुश थी, अब लग रहा था सपने सच होते है

मेरा सच वाला राजकुमार सुन्दर भले न हो, पर सपनेवाला राजकुमार से अच्छा है

कितना परवाह करता है, छोटी -छोटी बातो का, और अपनी दुनिया में खो गई।

 

नेहा कब सुबह भी हो गया, पता ही नहीं चला।

सुबह के 9 बज चुके थे, थोड़ा घबरा कर बाहर निकली नेहा अपने कमरे से

सासु माँ नाश्ता  बना रही थी, और नेहा का पति तैयार होकर जाने ही वाला था।

 

नेहा को देखते ही सासु माँ ने कहा जाओ तुम तैयार हो जाओ, मैंने सब  कुछ बना दिया है।

नेहा वहा  से जाने लगी, तभी पीछे से पति ने कहा  नेहा , थोड़ा घबरा गई

कही पति डांट  न दे, लेकिन पति ने कहा कल सुबह तुम जल्दी उठना

कल 10  बजे कही जाना है।

नेहा ने पूछा कहा ? … पति ने कहा कल पता चल जायेगा। 


दिन भर नेहा सोचती रही कहा जाना होगा…. शाम भी हो गई पति भी काम से लौट आया।

फिर से नेहा ने पूछा कल कहा जाना होगा…

पति मुस्कुराते हुए बोलाकल तुम गुलाबी रंग की सलवार पहनना

तुम बहुत सुन्दर लगती हो गुलाबी रंग में।

लेकिन नेहा को अब भी पता ही नहीं था जाना कहा है। 

नेहा बाइक के पीछे बैठी

बहुत गहरी  सोच में  डूब गयी थी।

कब गाड़ी रुका पता नहीं चला और जब अपनी सोच से बाहर आई तो देखा।

दोनों कॉलेज के बाहर  थे

पति ने कहा नेहा चलो अंदरनेहा ने आश्चर्य से कहा पर क्यों?

पति ने कहा चलो सब पता चल जायेगा।

 

नेहा का एड्मिशन करने के बाद पति ने कहा तुमको पढ़ने का शौक है न,  शादी के दिन तुम्हारी माँ ने

बताया था।

मुझे, नेहा झट से अपनी पति की बाहो में जाकर रोने लगी।

 

सिर्फ इतना बोल पाई मेरी दादी सच कहती थी…मेरा दूसरा जीवन बहुत अच्छा होगा। 

     

नेहा अब बहुत खुश थी ,उसे सपनो वाली दुनिया जो मिल गई थी।

और वो राजकुमार भी जिसे वो अब प्यार करने लगी थी। 

 `



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate Page »